Hindi Kavita
हिंदी कविता
Chakravyuh : Kunwar Narayan
कुँवर नारायण की कविता संग्रह: चक्रव्यूह - मिट्टी के गर्भ में
मिट्टी के गर्भ में
कुछ पल मिट्टी के जीवन में
मुझको खो जाने दो,
एक बीज इस दीर्घ गर्भ में
मुझको रख जाने दो;
धरती के अनादि चिन्तन में
एक अंश अकुलाए...
इस उद्भव भी एक विकलता
मुझको बो जाने दो।
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